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हर शिशॠअलग होता है, इसलिà¤, यह कह पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि आपका शिशॠइस अनà¥à¤à¤µ को किस पà¥à¤°à¤•ार लेगा। हो सकता है उसे अलग-अलग तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का आदि होने में समय लगे या फिर संà¤à¤µ है कि à¤à¤• बार में ही उसे सब पसंद आ जाठऔर वह पेट à¤à¤°à¤•र à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने लगे।
कà¥à¤› परिवार शिशॠको अपने आप खाना खाने देने में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखते हैं, इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में बेबी लेड वीनिंग कहा जाता है। वहीं कà¥à¤› अनà¥à¤¯ को लगता है कि उनके शिशॠदूसरों के हाथ से गाढ़ा गूदे वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨ (पà¥à¤¯à¥‚री) खाकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤¶ हैं। हम यहां पूरा विवरण देंगे कि आने वाले हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और महीनों में आपके शिशॠको देने के लिठकौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ सबसे अचà¥à¤›à¥‡ हैं, ताकि आपके शिशॠके à¤à¥‹à¤œà¤¨ की अचà¥à¤›à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में मदद मिल सके।
छह महीने के लिठअब दूध परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं है?
छह महीने की उमà¥à¤° से आपके शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ से अतिरिकà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है, विशेषतौर पर आयरन की। मगर, उसे अà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• साल की उमà¥à¤° तक सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध चाहिठहोगा।
शिशॠके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में उसकी पाचन और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ धीरे-धीरे मजबूत हो रही होती है। अब आपका शिशॠठोस आहार को अधिक कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ से पचाने में सकà¥à¤·à¤® हो गया है।
यदि आप अपने शिशॠको छह महीने से पहले ठोस आहार देना चाहें, तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। यह विशेषतौर पर तब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ है, जब शिशॠका जनà¥à¤® समय से पहले (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤°) हà¥à¤† हो।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से à¤à¥‹à¤œà¤¨ हैं जो शिशॠको छह महीने से पहले नहीं खिलाठजाने चाहिà¤à¥¤
छह महीने की उमà¥à¤° में शिशॠको कà¥à¤¯à¤¾ खिला सकती हूं?
जब शिशॠछह माह का हो जाà¤, तब आप सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक तौर पर उसे अधिकांश à¤à¥‹à¤œà¤¨ दे सकती हैं। आप नठà¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ काफी जलà¥à¤¦à¥€ आजमा सकती हैं। नीचे कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिठगठहैं, जिनके साथ आप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कर सकती हैं, जैसे:
गाजर, कदà¥à¤¦à¥‚, आलू, मटर, शकरकंदी, तोरी, पेठा कदà¥à¤¦à¥‚, हरी गोà¤à¥€ और गोà¤à¥€ आदि सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का गाढ़ा गूदा (पà¥à¤¯à¥‚री)
फलों की पà¥à¤¯à¥‚री जैसे उबाला हà¥à¤† या à¤à¤¾à¤ª में पकाया हà¥à¤† सेब और नाशपती, आम या पपीता या मसले हà¥à¤ फल जैसे पका हà¥à¤† मकà¥à¤–नफल या केला, खरबूजा, तरबूज या चीकू।
उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बेबी सीरियलà¥à¤¸ जैसे कि शिशॠजो दूध पीता है उसमें आयरन फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ बेबी राइस या सीरियल मिलाकर देना।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में पà¥à¤¯à¥‚री आपके शिशॠके लिठसबसे आसान à¤à¥‹à¤œà¤¨ हो सकता है, मगर कà¥à¤› शिशॠनरम ढेलेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ खा लेते हैं, बशरà¥à¤¤à¥‡ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह मसला हà¥à¤† हो। शिशॠदांत न होने के बावजूद à¤à¥€ नरम ढेलेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ चबाना जलà¥à¤¦à¥€ सीख सकते हैं।
à¤à¤• बार जब शिशॠचमà¥à¤®à¤š से सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ और खà¥à¤¶à¥€ से खाने लगता है, तो आप उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नई चीजें शामिल कर सकती हैं। हमारी ही तरह शिशॠà¤à¥€ à¤à¤• ही चीज बार-बार खाकर ऊब जाते हैं।
इसलिठजब आपका शिशॠबहà¥à¤¤ सारे अलग-अलग फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खने लगा हो, तो उसे केवल à¤à¤• फल या सीरियल से बनी पà¥à¤¯à¥‚री की बजाय निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित विकलà¥à¤ª देना शà¥à¤°à¥ करें:
दो या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फल या सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मिलाकर बनी पà¥à¤¯à¥‚री, ताकि शिशॠको नया सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और अतिरिकà¥à¤¤ पोषण मिल सके। à¤à¤¾à¤ª में पकाठहà¥à¤ सेब और गाजर की पà¥à¤¯à¥‚री या आम और à¤à¤¾à¤ª में पकाई हà¥à¤ˆ लौकी की पà¥à¤¯à¥‚री शिशॠको दे सकते हैं। शिशॠके पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤¯à¥‚री के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ के लिठहमारा सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ देखें।
चटक सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥à¤¯à¥‚री जैसे कि मटर, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, हरी गोà¤à¥€ या पालक आदि को सीरियलà¥à¤¸ या मसली हà¥à¤ˆ दाल के साथ मिलाया जा सकता है।
पà¥à¤¯à¥‚री किया गया या बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में ​पीसा हà¥à¤† मांस, मछली या चिकन। à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाà¤à¤‚ और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकाल दें।
पà¥à¤¯à¥‚री की हà¥à¤ˆ या अचà¥à¤›à¥€ तरह मसली हà¥à¤ˆ दालें, छोले व अनà¥à¤¯ दलहन।
फà¥à¤² फैट दही, पनीर, कसà¥à¤Ÿà¤¡ या फलों की खीर (बिना मीठे की)। मगर, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠको à¤à¤• साल का होने तक गाय का दूध (या बकरी या à¤à¥‡à¤¡à¤¼ का दूध) मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के रूप में नहीं देना चाहिà¤à¥¤
कोशिश करें कि शिशॠको घर पर बना खाना ही दें। बेहतर है कि पहले से तैयार बेबी फूड के​ डिबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ या पैक को कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° या फिर सफर के दौरान ही करें। शिशॠके हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शामिल न करें।
हालांकि, अधिकारिक निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠके छह महीने का होने के बाद ही उसे ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ करना चाहिà¤, मगर आपको चार महीने की उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठà¤à¥€ बाजार में à¤à¥‹à¤œà¤¨ मिलेंगे। ये उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की रेंज सामानà¥à¤¯à¤¤: चार से सात महीने और सात महीने से अधिक के शिशà¥à¤“ं के लिठहोती है।
कोशिश करें कि आप शिशॠके चरण और उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¥‹à¤œà¤¨ चà¥à¤¨à¥‡à¤‚। यदि आप शिशॠको चार से छह महीने की उमà¥à¤° के बीच ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ कर रही हैं, तो रेडीमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
जब à¤à¥€ आप बाजार से पैकेजà¥à¤¡ बेबी फूड खरीदें, उसका लेबल पढ़ें और वे उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जिनमें नमक, चीनी या à¤à¤¸à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ न हो, जिससे शिशॠको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो।
सात से नौ महीने के शिशॠको मैं कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिला सकती हूं?
आपका लकà¥à¤·à¥à¤¯ धीरे-धीरे शिशॠको अलग-अलग तरह की बनावट वाले विविध à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने का होना चाहिà¤à¥¤ आप सामानà¥à¤¯à¤¤: घर में जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाती हैं उसी तरह का à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको कà¥à¤› खिला सकती हैं। शिशॠको घर पर बना खाना देने के निमà¥à¤¨ फायदे हैं:
आपको पता है कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिलाई गई हैं
आप जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाती हैं, शिशॠको à¤à¥€ वही à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की आदत पड़ती है
यदि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है, तो आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठगठà¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ उसे à¤à¥€ मिलेगा। इसलिठउसे आपके पसंदीदा à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने में आसानी होगी।
आपका शिशॠअब पà¥à¤¯à¥‚री की बजाय मसले हà¥à¤ या बारीक कटे हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खा सकता है। उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ को बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर से पीसने की बजाय कांटे से मसलिà¤à¥¤ इस तरह à¤à¥‹à¤œà¤¨ की बनावट का पता चलता है। जिन शिशà¥à¤“ं को 10 महीने का हो जाने के बाद पहली बार ढेलेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाठजाà¤à¤‚, तो इस बात की आशंका रहती है कि वे शायद इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से नहीं खा पाà¤à¤‚गे।
इसलिठवे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, अलग-अलग बनावट और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना पसंद नहीं करते। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ तो थोड़ा बड़ा होने पर à¤à¥€ पà¥à¤¯à¥‚री किया गया à¤à¥‹à¤œà¤¨ ही खाना चाहते हैं।
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बेहतर है कि शिशॠको सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिठजाà¤à¤‚। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ आपके शिशॠके लिठउचित हैं:
रागी/नाचनी
चावल
जई (ओटà¥à¤¸)
दलिया
बेबी बà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸
आलू
सूजी का उपमा या खीर
साबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾
बà¥à¤°à¥‡à¤¡
पासà¥à¤¤à¤¾
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ सीरियलà¥à¤¸ (जिनमें मीठा न हो)
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के साथ-साथ आपके शिशॠको हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ चाहिà¤à¥¤ शिशॠके लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ये निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हो सकते हैं:
दाल-दलहन
अचà¥à¤›à¥€ तरह पके हà¥à¤ अंडे
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ (पनीर, दही और चीज़)
कम वसायà¥à¤•à¥à¤¤ रेड मीट
चिकन
मछली, मगर हांगर (शारà¥à¤•), तेगा (सà¥à¤µà¥‰à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¿à¤¶) या मारà¥à¤²à¤¿à¤¨ मछली नहीं हो
यदि आपका शिशॠफिंगर फूड पसंद कर रहा है, तो उसे ये देती रहें। उसे शायद खà¥à¤¦ खाना अचà¥à¤›à¤¾ लग रहा होगा। आप उसे पकाई हà¥à¤ˆ बीनà¥à¤¸, गाजर, पनीर या चीज़ के टà¥à¤•ड़े, केले या नरम नाशपती की फांक दे सकती हैं।
हालांकि, शिशॠजो दूध ​पीता है, वह अà¤à¥€ वो पी रहा होगा, मगर आप उसे अनà¥à¤¯ पेय देना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। छह महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशॠफिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† या उबालकर ठंडा किया पानी ​ले सकते हैं। शिशॠको नरम टोंटी वाले सिपà¥à¤ªà¤° में पानी दें।
यदि आप चाहें तो फॉलो-ऑन फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ दे सकती है। मगर, यदि आपका शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार खा रहा है, तो इसकी कोई जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है।
जब आपका शिशॠआठसे नौ माह का होता है, तो वह शायद दिन में तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ और à¤à¤• बार थोड़ा सà¥à¤¨à¥ˆà¤• ले रहा होगा।
सात से नौ महीने के शिशॠके लिठठोस आहार के बारे में हमारा यह लेख पढ़ें।
शिशॠको 10 महीने की उमà¥à¤° से कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ दे सकते हैं?
अब शिशॠको काफी हद तक बड़ों जैसा खाना दिया जा सकता है। बरीक कटा हà¥à¤† या छोटे-छोटे आकार में कटा à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको दिठजा सकते हैं। अब आप शिशॠको दिन में तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ-साथ दो बार सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ देना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं।
यदि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है तो आप उसे नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना जारी रख सकती हैं। आप पाà¤à¤‚गी कि शिशॠपहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अब कम बार दूध पी रहा है। यदि आप शिशॠको बोतल से दूध पिलाती हैं, तो आप दिन में à¤à¤• सा दो बार दूध पिलाना कम कर सकती हैं। मगर, शिशॠके à¤à¤• साल का होने तक उसे 500 से 600 मि.ली. फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना जारी रखें।
नमक। आपके शिशॠके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ अà¤à¥€ नमक को नहीं संà¤à¤¾à¤² सकते। वैसे, इसकी पसंद को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ देना सही à¤à¥€ नहीं है। वयसà¥à¤•ों के डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द à¤à¥‹à¤œà¤¨ को शिशॠके आहार में न मिलाà¤à¤‚। डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नमक की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है।
शहद। चाहे शिशॠको खांसी à¤à¥€ हो, तब à¤à¥€ उसे à¤à¤• साल का होने तक शहद नहीं देना चाहिà¤à¥¤ कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° शहद में à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ तरह का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है जो शिशॠकी आंतों के लिठविषैला साबित हो सकता है।
चीनी। मीठे वà¥à¤¯à¤‚जनों में मिठास के लिठकेला या उबाले हà¥à¤ फल या मेवों की पà¥à¤¯à¥‚री डालकर देंखें। आप निकाले हà¥à¤ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¡) सà¥à¤¤à¤¨ दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध को à¤à¥€ मिला सकती हैं।
मिठास के लिठकृतà¥à¤°à¤¿à¤® उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥¤ कम कैलोरी वाले पेय, शरबत या पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत à¤à¥‹à¤œà¤¨, जिनमें कृतà¥à¤°à¤¿à¤® मीठा डाला जाता है, वे आपके शिशॠके लिठसही नहीं हैं। इनमें कोई पोषक ततà¥à¤µ नहीं होते और इनसे शिशॠको मीठे का चसà¥à¤•ा लग सकता है।
साबà¥à¤¤ मेवे। साबà¥à¤¤ मेवे शिशॠके शà¥à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— या हलक में अटक सकते हैं। यदि आप शिशॠको मेवे देना चाहती हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीसकर या उनका पेसà¥à¤Ÿ बनाकर शिशॠको दें।
कà¥à¤› विशेष मछलियां। शिशॠको हांगर (शारà¥à¤•), तेगा (सà¥à¤µà¥‰à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¿à¤¶) या मारà¥à¤²à¤¿à¤¨ मछलियां नहीं खानी चाहिà¤à¥¤ इनमें पारे के अवशेष हो सकते हैं।
चाय या कॉफी। शिशॠके दूध को थोड़ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करने के लिठउसकी बोतल में थोड़ी चाय मिलाना सही नहीं है। चाय में मौजूद टैनिन, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के आयरन को सही तरीके से समाहित करने में रà¥à¤•ावट पैदा कर सकता है। कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ कोई à¤à¥€ पेय शिशॠके लिठउचित नहीं है।
कम वसा वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥¤ मलाई रहित दूध, दही और कम वसा वाली चीज़ आपके शिशॠके लिठसही नहीं है। शिशॠको हमेशा वसा वाली चीजें ही दें। उसे कैलोरी की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
गाय का दूध। à¤à¤• साल से पहले मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के रूप में न दें। इसमें परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण नहीं होता और सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में ये शिशॠके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर डालते हैं। साथ ही इससे मिलà¥à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है। हालांकि आप शिशॠका à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करने में थोड़ा गाय का दूध मिला सकती हैं। बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के दूध शामिल करने के ​बारे में यहां और अधिक पढ़ें।
कà¥à¤› à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ (फूड पॉइजनिंग) का खतरा होता है। इसलिठà¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ के तौर पर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने शिशॠको न दें। इनमें शामिल हैं:
अचà¥à¤›à¥€ तरह न उबले, अधपके या कचà¥à¤šà¥‡ अंडे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होने का खतरा रहता है, जिससे à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ हो सकती है।
नरम, फफूंद से पकाई गई चीज़ जैसे बà¥à¤°à¥€ या कैमेमà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿ चीज़
कचà¥à¤šà¥€ या अधपकी सीपदार मछली
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको दो साल की उमà¥à¤° से पहले जूस देने की सलाह नहीं देते। इसके बजाय ताजा और मौसम के अनà¥à¤•ूल फल खिलाà¤à¤‚!
शिशà¥à¤“ं के लिठ14 सबसे खराब à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बारे में हमारी सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ को देखें।
जिन à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने की आशंका हो, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको कैसे खिलाया जाà¤?
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की सलाह है कि à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना à¤à¥€ जारी रखें। यदि आपके परिवार में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का इतिहास रहा है, तो बेहतर है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ली जाà¤à¥¤
यदि बचà¥à¤šà¥‡ को पहले से ही कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जैसे कि दमा (असà¥à¤¥à¤®à¤¾) या छाजन (à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾) है, तो उसे मूंगफली (पीनट) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसलिठउसे पहली बार पीनट बटर या मूंगफली यà¥à¤•à¥à¤¤ कोई उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें।
जिन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है जैसे कि सोया, अंडे और गाय का दूध आदि तो इनकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने पर à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतें। जब à¤à¥€ कोई नया à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको दें, धीरे-धीरे कम मातà¥à¤°à¤¾ से ​शà¥à¤°à¥ करें और à¤à¤• बार में à¤à¤• ही नया à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाà¤à¤‚। बेहतर है कि नया à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको सà¥à¤¬à¤¹ के समय खिलाया जाà¤à¥¤ इस तरह कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास या असà¥à¤¤à¤ªà¤¾à¤² जाना आसान रहेगा।
शिशॠको कोई à¤à¥€ नया à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने से पहले पांच दिन इंतजार करें। इस तरह पता चल सकेगा कि उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कैसी रहती है और कौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करते हैं और उसके आहार से हटाने हैं।
बेहतर है कि जिस दिन शिशॠनया à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाता है उसके बारे में आप लिखकर रख लें। यदि उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ शिशॠको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो, तो à¤à¥‹à¤œà¤¨ सूची से यह पता लगाना आसान होता है कि किस à¤à¥‹à¤œà¤¨ की वजह से यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ है।
यदि उस à¤à¥‹à¤œà¤¨ का कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है तो इसके संकेत आपको कà¥à¤› मिनटों या घंटों में दिख जाà¤à¤‚गे। à¤à¥‹à¤œà¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के संकेतों की पहचान होना और पता होना कि कौन से लकà¥à¤·à¤£ हलà¥à¤•े हैं और कौन से गंà¤à¥€à¤°, अचà¥à¤›à¤¾ रहता है।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠके आहार में घी, मकà¥à¤–न और वसा शामिल करनी चाहिà¤?
शिशॠको दूध और ठोस आहार से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में वसा पहले ही मिल रही होगी। यदि वह अपने गà¥à¤°à¥‹à¤¥ करà¥à¤µ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सही ढंग से बढ़ रहा है तो उसे अतिरिकà¥à¤¤ वसा या कैलोरी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है।
यदि फिर à¤à¥€ आप शिशॠके आहार में घी या मकà¥à¤–न शामिल करना चाहें, तो पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। वे शिशॠकी उमà¥à¤°, कद और वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचित मातà¥à¤°à¤¾ बता सकेंगे।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको होलगà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¸ देने चाहिà¤?
शिशॠको बहà¥à¤¤ सारे साबà¥à¤¤/पूरà¥à¤£ अनाज (होलगà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¸) के à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दालें देना शà¥à¤°à¥ करने से पहले सावधानी बरतें। इनकी पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¾à¤°à¥€ होती है और शिशॠके छोटे से पेट को ये जलà¥à¤¦à¥€ ही à¤à¤° देते हैं। इससे पेट में अनà¥à¤¯ अधिक ऊरà¥à¤œà¤¾ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ ही नहीं बचता। इसलिठशिशॠको सफेद और साबà¥à¤¤ अनाज के सीरीयल और बà¥à¤°à¥ˆà¤¡ का मिशà¥à¤°à¤£ दें।
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